Sunday, May 6, 2018

गर्मियों में ठंडक- सी राहत पहुंचाने वाली एक बीज, जानकर हो जाएंगे हैरान

नमस्कार दोस्तों आज हमारे चैनल में आपका स्वागत है। आज मैं एक ऐसे टॉपिक की जानकारी देने जा रहा हूँ जो आप सुनकर हैरान हो जाएंगे। आज हमारा टॉपिक है गर्मियों में ठंडक- सी एहसास देने वाली एक बीज है जिसका नाम " सब्जा " है। यह तुलसी के पौधे की एक प्रजाति के एक पौधे का बीज है जो एक अलग किस्म की है। जो तुलसी के पौधे की पूजा करते है उसे हम होली बेसिल कहते है और जो तुलसी के पौधे से हमें सब्जा प्राप्त होती है उसे स्वीट बेसिल कहते है। साधारण रूप से इसे तुकमलंगा भी कहते है। गर्मियों में ज्यादातर इसका प्रयोग पंसदीदा ड्रिंक्स बनाने में इसके भींगे हुए बीज का प्रयोग करते है। इसीलिए इसे फलूदा बीज भी कहा जाता है। इसके काले बीज को पानी मे कुछ देर तक डालने पर यह काले - सफेद जेली की तरह दिखने वाले स्पंजी हो जाते है। इसके फायदेमंद के बारे में भारत से ही पूरी दुनिया में बतायी गई है।
सब्जा के बीजों में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ए, विटामिन के, कार्बोहाइड्रेट, ओमेगा- 3, अच्छे गुणों वाले फैटी एसिड और खनिज तत्वों इत्यादि पाए जाते है। ये ठंडे तासीर वाले होते है जो गर्मियों में ठंडक पहुंचाती है। अतः गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा इसके ड्रिंक और फलूदा बनाने में काम आता है।
                 चलिए अब हम जानते है कि सब्जा के और क्या - क्या फायदे है।
  • पाचन के संबंध में -
यह पाचक एंजाइम के रूप में काम करता है। यह हमारे वजन के बढ़ने में भी नियंत्रित करती है। इसके सेवन करने के बाद काफी देर तक भूखे रह सकते है और इस प्रकार से यह हमारे वजन को नियंत्रित भी करती है। इसमे फाइबर होने के कारण ऐसा होता है।

  • टॉक्सिन या जहरीले पदार्थ को बाहर करना -
सब्जा का सेवन करने से यह हमारे शरीर के अंदर के टॉक्सिन को अर्थात हानिकारक जहरीले पदार्थो को बाहर निकालने का काम करता है और यह हमें ताजगी प्रदान करके स्वस्थ बनाता है। यह हमारी शरीर की छोटी - बड़ी त्रुटियां को दूर कर कार्य करने के शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है।

  • इंफेक्शन को दूर करना -
यदि सब्जे के बीज को पानी में डालकर और उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीते है तो यह आपके शरीर में उपस्थित रक्त में और किडनी में हुए इंफेक्शन को ठीक कर देता है।

  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में -
सब्जे का भींगे हुए बीज का प्रयोग हमारी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में किया जाता है। यह सर्दी - जुकाम, खाँसी और अस्थमा जैसे रोगो को जल्द ही ठीक करता है। यह डायबिटीज को भी कंट्रोल में रखता है।

  • बाल चमकदार, मजबूत और लम्बे - घने में -
इस बीज में प्रोटीन और आयरन जैसे तत्वों के उपस्थिति रहने के कारण इसका प्रयोग बालो को मजबूत, चमकदार और लम्बे - घने करने में किया जाता है।

  • पेट में गैस और जलन को दूर करना -
रात में सोने से पहले यदि एक गिलास दूध में सब्जे के बीज को डालकर पीते है तो आपके पेट में हुए कब्ज, जलन और गैस की बीमारी को बहुत ही जल्द ठीक कर देता है।

  • एक्जिमा को दूर करने में -
यदि आपको एक्जिमा हो गया हो तो आप इसके बीज को पीसकर नारियल के तेल में मिलाकर एक्जिमा वाले भाग पर लगायें और यह जल्द ही उसे ठीक कर देता है।
           इसके अलावे यह मानसिक तनाव, टेंशन, डिप्रेशन और माइग्रेन को भी दूर करता है।
                       सेवन करने की विधि 
इस बीज को 15 से 20 मिनट तक गर्म या ठंडे पानी में भींगा देने पर यह बीज फूलने लगता है और जेली की तरह स्पंजी दिखने लगता है। फिर उसके बाद इसे शर्बत, नींबू के पानी, मिल्कशेक, दही, सलाद, मैंगोशेक, आइसक्रीम और कुल्फी इत्यादि में मिलाकर इसके सेवन कर सकते है।
 गर्भावस्था वाले महिलाएं इनका उपयोग ना करें।

        मेरे प्यारे दोस्तों अगर यह टॉपिक आपको अच्छी लगी तो प्लीज मुझे फॉलो करें और हमसे अच्छी - अच्छी जानकारियां प्राप्त करें। तब तक के लिए मैं आपसे विदा लेता हूँ और फिर मिलेंगे एक नई टॉपिक के साथ।धन्यवाद।
          एक कदम स्वास्थ्यता की ओर जनहित में जारी

Saturday, May 5, 2018

भूख ना लगने और शराबों से होने वाले हानि को करे दूर लिव - 52 से

मेरे प्यारे दोस्तों आज मैं फिर आपके सामने हाजिर हूँ। एक नई बात जो आपके हेल्थ से सम्बंधित है। आपके स्वास्थ की सुरक्षा हमारी पहली सोच है। आज मैं आपको एक ऐसे हर्बल मेडिसिन का नाम बताने जा रहा हूँ जो कई रोगो में 100% फायदेमंद है। यह दुनिया की सबसे बड़ी फायदेमंद दवा है। यह दवा हिमालया कंपनी की हर्बल दवा अर्थात आयुर्वेदिक दवा है जो सबसे ज्यादा कामगार है। यह दवा लीवर से सम्बंधित बीमारियों के लिए अधिकाधिक फायदेमंद है और इसके साथ - साथ हमारे शरीर में उपस्थित हानिकारक जहरीले पदार्थ को बाहर निकालने का काम भी करती है। इसमें हिम्सर, कासनी, मंडूर और अर्जुना इत्यादि पाया जाता है।
       चलिए अब हम जानेंगे कि यह कौन - कौन से रोगो में इसका प्रयोग किया जाता है।

  • भूख जगाने में -

अक्सर देखा जाता है कि गर्मी के दिनों में धूप में काम करने से या किसी कारण से व्यक्ति को भूख नहीं लगती है जैसा कि उसका भूख ही मर गया हो। इस तरह की बात देखने को मिलती है तो इस प्रकार से उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और शरीर कमजोर होने लगता है। इसीलिए उनके भूख को पुनर्जीवित करने के लिए उन्हें लिव - 52 के टैबलेट्स को अपनाना चाहिए। यह भूख को बढ़ाने का काम करता है और हम अच्छी तरह से भोजन कर स्वस्थ रह सकते है।

  • लीवर की ताकत बढ़ाने में -

यदि कोई व्यक्ति अपने लीवर की कमजोरी से परेशान हो तो उन्हें सिर्फ लिव - 52 के टैबलेट्स का इस्तेमाल करें बस उसके बाद आपके लीवर कुछ ही दिनों में अच्छी तरह से काम करने लगेंगे और यह पूरी तरह से मजबूत होकर हमारे शरीर से हानिकारक पदार्थो को बाहर निकालेगा। जिससे हमारा शरीर पूरी तरह से स्वस्थ रहेंगे।

  • हीमोग्लोबिन को बनाए रखना -

यह हमारे शरीर को आयरन की कमी को भी पूरा करने का काम करता है और यह हीमोग्लोबिन को बनाए रखने में मदद करता है। यह हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में भी मदद करता है। यह खून की कमी के सुधार में भी मदद करता है।

  • वजन बढ़ाने में मदद -

यदि किसी व्यक्ति के वजन में कमी हो रही हो तो इसका मतलब वह ठीक ढंग से वह खाना नहीं खाता है इसका मुख्य कारण उसे भूख ही नहीं लगती है। इसीलिए आप लिव - 52 टैबलेट्स का प्रयोग करें और फिर भूख को जगाए। इसके इस्तेमाल करने से भूख अधिक लगेगी और हम ज्यादा खाना खाएंगे जिससे हमारे शरीर का वजन बढ़ेगा। इस प्रकार से यह टैबलेट्स काम करती है।

  • शरीर से हानिकारक पदार्थो को बाहर निकालने में -

बहुत सारे व्यक्ति शराब पीते है कुछ लोग थोड़ी - सी मात्रा में और कुछ अत्याधिक मात्रा में पीते है जिसके कारण उनके शरीर में बहुत सारे टॉक्सिन अर्थात हानिकारक पदार्थ चले जाते है जिसके कारण उनके लीवर में परेशानी होती है और लीवर खराब हो जाता है। इसीलिए हमें हानिकारक पदार्थो को बाहर निकालने के लिए और लीवर को सुरक्षित रखने के लिए हमें लिव - 52 टैबलेट्स का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे लीवर को सुरक्षित रखकर हमें स्वस्थ रख सकें।

  • फैटी लीवर को ठीक करने में -

यदि आपके शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ गई हो या आपका लीवर फैटी हो गई हो तो उसे कम करने के लिए आप लिव - 52 टैबलेट्स का इस्तेमाल करें जिससे आपके कोलेस्ट्रोल को कम करके फैटी लीवर की बीमारी को दूर करेगा।

  • लीवर की नई कोशिकाओं का निर्माण में -

यह दवा हमारे शरीर के लीवर में उपस्थित सेल्युलर ग्रोथ में मदद करता है जिसके कारण यह लीवर में एक नई कोशिका का निर्माण करता है और उसकी वृद्धि भी करता है।
इस्तेमाल करने की विधि -

व्यक्ति को रोजाना 1-1 गोली सुबह और शाम लेनी चाहिए लेकिन यदि आपके लीवर में ज्यादा परेशानी हो तो 2-2 गोली 3 टाइम खाना खाने के बाद लेनी होगी जिससे आपके रोग दूर होंगे। यह एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। यह बाजारों में प्रत्येक जगह उपलब्ध है। भारत में यह दवा शुगर कोडेट टैबलेट के रूप में जानी जाती है। यह दवा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रचलित है।

            प्यारे दोस्तों अगर यह हमारी बात आपको अच्छी लगी तो कृपया हमें फॉलो करने का कष्ट करें जिससे मैं आपको हेल्थ से सम्बंधित बातों को मैं आपके सामने जाहिर कर सकूँ। अब मैं आपसे बिदा लेता हूँ। फिर मिलेंगे एक नई टॉपिक को लेकर जो आपके हेल्थ को स्वस्थ रख सके।धन्यवाद।
              स्वच्छ भारत स्वस्थता की ओर

Friday, May 4, 2018

नवजात शिशुओं का रोना कैसे शांत करें, जानकर आप हो जाएंगे खुश

मेरे प्यारे दोस्तों आज मै आपको एक ऐसी बात बताने जा रहा हूँ जो आप जानकर हो जाएंगे खुश। यदि आपके घर में कोई नवजात शिशु हो और वह अधिक रोता हो तो इसकी वजह उसके शरीर में कोई तकलीफ होती है जिसके कारण वह रोता है। बच्चे के पेट में गैस की तकलीफ या प्यास की बात आती है तो वह रोता है। इसके लिए ब्रिटेन के एक डॉक्टर विलियम वुडवर्ड ने एक ग्राइप वाटर का निर्माण किया जो बच्चों के लिए एकदम फायदेमंद है। आज माताओं की एक भरोसे का रूप ले चुका है। हालांकि कुछ साल पहले ग्राइप वाटर में एल्कोहल रहने के कारण वह नुकसान करता था पर अब एल्कोहल की मात्रा नहीं होती है जिसके कारण अब वह नुकसानदेह नहीं है। यह सोडियम बाइकार्बोनेट और जड़ी - बूटी से मिलाकर बनाया जाता है। जब शिशु माँ का दूध पीता है तो उसके पेट में गैस बन जाता है और उसी को बाहर निकालने के लिए उसे ग्राइप वाटर पिलाया जाता है।
  चलिए अब जानते है ग्राइप वाटर के फायदे के बारे में अर्थात कहाँ - कहाँ उपयोग होता है।

  • गैस की समस्या से राहत -

नवजात शिशु आहार के लिए सिर्फ अपनी माँ के दूध पर निर्भर रहता है और वह उसके अलावे कुछ आहार नहीं लेता है इसी कारण से उसके पेट में गैस बन जाता है और उसी को बाहर निकालने के लिए ग्राइप वाटर का प्रयोग करते है। पेट में गैस रहने के कारण दर्द होने लगता था इसी कारण बच्चा रोने लगता था। जब गैस बाहर निकल जाता है तो बच्चा चुप हो जाता है।

  • हिचकी से राहत -

अक्सर देखा जाता है कि बच्चे को हिचकियाँ बराबर आती रहती है और बहुत सारे का कहना है कि हिचकियाँ ज्यादा आने से पेट फूलने लगता है जिसके कारण बहुत बड़ी समस्या हो सकती है। अतः उसके हिचकियों को बंद करने के लिए ग्राइप वाटर का इस्तेमाल किया जाता है।

  • डिहाइड्रेशन से बचाव -

अक्सर देखा जाता है कि बच्चे के शरीर में गर्मी के मौसम में पानी की कमी हो जाती है। अतः उनके शरीर में पानी की कमी से कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए उन्हें ग्राइप वाटर दिया जाता है जिससे वह उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और उसे स्वस्थ रखता है। ऐसा देखा जाता है कि जब बच्चे अपनी मां का दूध पीता है और दूध पीने के बाद उसका मुँह और गला सूखने लगता है इसिलए उसे ग्राइप वाटर दिया जाता है ताकि वह अपनी प्यास बुझा सके।

  • दाँत दर्द से छुटकारा -

आप जानते है कि नवजात शिशु लगभग छः महीने अपनी मां का दूध पीता है क्योंकि वह बाहर के दूध से हल्की और अधिक फायदेमंद होती है जो बच्चों के लिए उपयुक्त है। लेकिन जब बच्चे को दाँत आता है तो दर्द के कारण रोने लगता है और उसे दस्त भी होता है। इसलिए इसके दाँत के दर्द को रोकने के लिए और दस्त के होने से पानी की कमी को पूरा करने के लिए ग्राइप वाटर दिया जाता है ताकि बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित रहें।


                 प्यारे दोस्तों अगर हमारी बात आपकी बच्चे की सुरक्षा के लिए अच्छी लगी तो हमें फॉलो करने का कष्ट करें और फॉलो करने के बाद हमसे आप अच्छी - अच्छी जानकारियां हासिल करें। फिर मैं एक नई बात हेल्थ से सम्बंधित आपके सामने पेश करूँगा तब तक मेरे तरफ से आपको धन्यवाद।


आपके घर के एक ऐसे पौधे की पत्ती जो आपके कई रोगो को दूर करे , जानिए कौन पढ़ना ना भूलें

हमारे प्यारे दोस्तों आपलोगो को मेरी तरफ से नमस्कार है। आज मै आपलोगो को एक ऐसी बात बताने जा रहा हूँ जो आपलोग जानते भी होंगे पर उसका प्रयोग नही किया होगा। मै आपके घरों के एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहा हूँ जो प्रत्येक दिन सुबह - सुबह उनकी पूजा करते है वह है तुलसी का पौधा। तुलसी के पौधा जो हिन्दुओ का एक पवित्र पौधे के रूप में माना जाता है। व्यक्ति चाहे ऊंचे घरो में हो या छोटे घरो में वह एक तुलसी का पौधा अपने घरो में जरूर लगाता है। यह एशिया के देश जैसे थाईलैंड, भारत और हर हिन्दू देश में यह पवित्र पौधा पाया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाता है कि यह तुलसी का पौधा जो घरो में लगाने से किसी प्रकार का रोग प्रवेश नहीं करते है और यह घरो के लिए शुभ माना जाता है।
आज हम आपको इसी तुलसी के पत्ते के बारे में बताएंगे जो एक नहीं बल्कि कई रोगो को दूर करने में प्रयोग की जाती है।चलिए आज हम जाने आपके कौन - कौन से रोग इस तुलसी के पत्ते से दूर होते है।

  • सर्दी और जुकाम से राहत -
यदि आपको कभी भी सर्दी हो या जुकाम हो तो इसके लिए आपको मेडिकल में जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके उपचार के लिए खुद घर पर ही दवा बना सकते है इसके लिए आपको कुछ नहीं करना होगा बस तुलसी के कुछ पत्तियों को चबाकर खा ले या तुलसी के कुछ पत्तों को एक कप पानी में डालकर उसे उबाले और ठंडा करने के बाद पी लें अथवा तुलसी के पत्ते को एक कप पानी में डालकर थोड़ी इलायची का पाउडर मिलाकर इसे उबालकर काढ़ा तैयार करने के बाद उसे दिन में दो से तीन बार पीते हैं। इससे आपको डेंगू, मलेरिया और जुकाम जल्द ही ठीक हो जाते है।

  • खाँसी से राहत -
यदि आपको जोरो से खाँसी हो तो आपको उसके लिए इधर - उधर जाने की कोई जरुरत नहीं है बस उसका इलाज आपके घरो में ही है बस आप तुलसी के दस पत्ते को ले और इसके साथ पाँच लौंग को लेकर एक कप पानी में डालकर उसे उबाले और फिर इसे ठंडा करके दवा के रूप में पी लें। यदि आप अच्छे स्वाद के लिए कुछ नमक मिला सकते है। इससे दम्मा और ब्रोंकाइटिस जैसी बिमारी दूर हो जाती है।

  • तनाव से राहत -
अगर आप यदि किसी तनाव से ग्रसित हो तो इससे आप छुटकारा पाने के लिए आप रोजाना ताजी तुलसी के दस से बारह पत्तों को चबाए जिससे आपको तनाव से राहत मिलेगी। इसका प्रयोग दिन में दो से तीन बार करें और इससे आपके रक्त को शुद्ध भी करता है।

  • आँखों में राहत -
यदि आप आँखों से परेशान हो अर्थात यदि आपके आँखों में रतौंधी, सूजन, लाल या दर्द देता हो आप इसके उपचार के लिए बस ताजे तुलसी की पत्ती ले और इसके रस को रात को सोते समय दो - दो बूंद आँखों में डाल ले। इसके अलावे आप प्रत्येक दिन ताजे तुलसी की पत्तियां भी खा सकते है।इससे आपको काफी आराम मिलेगी। क्योंकि तुलसी के पत्तों में भी बहुत सारी मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है।

  • पायरिया और मसूड़ों के रोगो से राहत -
यदि आपके मुँह में पायरिया, बुरी साँस और मसूड़ों के तकलीफ से ग्रस्त हो तो इसके उपचार के लिए आप तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते है। इसके लिए आपको सबसे पहले ताजी तुलसी के कुछ पत्तों को तोड़कर उसे धूप में दो - तीन दिन सूखने दें और सूखने के बाद उसका पाउडर बनाकर मुँह को धोये या इसमे आप सरसों का तेल भी मिलाकर पेस्ट बनाकर ब्रश कर सकते है।इससे आपके मुँह से सम्बंधित सभी बिमारियाँ दूर हो जाएगी और आपको राहत भी मिलेगी।

  • मुहासों और घावों को करे दूर -
यदि किसी के चेहरे पर मुंहासे हो तो आप उसे जल्द से जल्द ठीक करने के लिए सिर्फ ताजे तुलसी के पत्तों का रस को निचोड़कर उसे मुंहासे पर लगाए और यदि आपके शरीर के किसी भाग पर कोई घाव या जख्म हो तो वहां भी इसके रस को लगाने से या इसका लेप लगाने से बहुत जल्द ही आपके मुंहासे और घाव नष्ट हो जाएंगे।

  • सिर दर्द से राहत -
यदि आपके सिर में दर्द जोरो से हो तो उसे दूर करने के लिए आपको तुलसी और चंदन का लेप सिर में लगाकर या आप ताजे तुलसी के पत्ते को एक कप पानी में डालकर और उसमें थोड़ी अदरक को लेकर चाय बनाकर पिला दें बस आपकी सिर दर्द थोड़ी ही देर में गायब हो जाएगी।

  • पेट दर्द में -
यदि आप में से किसी को पेट में दर्द हो तो आप सिर्फ ताजे तुलसी के पत्तों के रस को एक चम्मच लेकर और उसी मात्रा में अदरक को लेकर इसका प्रयोग करें और फिर आप देखें कि आपके पेट दर्द दूर हो गया। इसके अलावे आपको कब्ज, अपच या बबासीर जैसी बीमारियां भी दूर होती है।

          इसके अलावे और भी बहुत सारे रोग है जो तुलसी के पत्तों को उपचार में लाया जाता है जैसे - कान के दर्द में, प्रतिरोधक क्षमता को वृद्धि करने में, गुर्दे के पथरी के उपचार में और डायबिटीज को कम करने में इत्यादि ऐसे बहुत सारे रोगो का उपचार सिर्फ तुलसी के पत्ते से होता है।


            प्यारे दोस्तों अगर आपको हमारी बात अच्छी लगी तो आप मुझे फॉलो करना ना भूलें। यदि आप मुझे फॉलो करते है तो आपकी अच्छी - अच्छी जानकारियां सबसे पहले आपको मिलेगी। आप मेरी बातों को अपनाकर स्वस्थ रहे यहि हमारी सोच है। धन्यवाद।

Wednesday, May 2, 2018

एक ऐसी चीज जो आपके आँखों को बना दे आइने जैसे, जरूर पढ़े भूले नहीं।

प्यारे दोस्तों मेरे चैनल में आपलोगों का स्वागत है। आज मै आपको एक ऐसी बात बताने जा रहा हूँ कि जिससे आप सुनकर कुछ चौक जरूर जाएंगे। आपने अपने आँखों के लिए बहुत खर्च किया पर अपनी आँखों के समस्याओं का कोई उपाय नहीं मिला है।आपके आँखों से सम्बंधित कुछ समस्याएं को दूर करने के लिए ही आज मैंने इसके उपाय के कुछ बातों को आपके सामने रख रहा हूँ।
   प्यारे दोस्तों जैसा कि आप जानते है कि बहुत सारे लोग अपने आँखों को बड़ा करना, आँखों के रोशनी को बढ़ाना, आँखों के रोगों से दूर करना, आँखों का सुंदर रूप दिखना, कीट - पतंगो से बचाव इत्यादि ऐसे कई समस्याओं को दूर करने के लिए सिर्फ एक ही उपाय है और वह सिर्फ आँखों का काजल है जो आपके आँखों में उत्पन्न समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है। मेरे बताये गए बातों को शुरू से अंत तक पढ़े और फिर आप अपने आँखों से सम्बंधित समस्याओं को दूर करें।
   चलिये अब जाने लड़के या लड़कियां को काजल लगाने से क्या - क्या फायदे है।

  • सुंदरता का रहस्य -

लड़कियों को सुंदर दिखना एक खास रूप देना ये भी एक कला है जो सब की बस की बात नहीं है जो कुछ लोग अपने आप को सुंदरता में लाने के लिए कुछ उपाय करते है वही लोग इस सुंदरता का अनुभव महसूस करते है। चलिये आपको यदि सुंदर दिखना हो या किसी को आप आकर्षित करना हो तो आप नियमित तौर से आँखों पर काजल लगायें और आप कुछ ही समय में देखेंगे कि आपकी आँखों की सुंदरता से वो आप पर आकर्षित हो रहे हैं। देखा जाता है कि बाजारो में कई आर्टिफिशियल अर्थात बने बनाये काजल मिलते है लेकिन इसे आप घर पर भी तैयार कर सकते है।

  • आँखों में रोशनियों को बढ़ाना -

आँखों में रोशनी की कमी को यह दूर करता है और आँखों में रोशनी देने का काम भी करता है। आँखों की रोशनियों से आँखों में एक चमक आती है जिससे आँखें और भी आकर्षक दिखती है।

  • आँखों का बड़ा लुक दिखना -

जब आँखों में काजल लगाए जाते है तो आँखों का आकार अपनी छोटी रूप से बड़ी हो जाती है और वह एक बड़ा आकर्षक रूप ले लेती है जिससे चेहरे का लुक खिलने लगता है जिससे देखने में उनके चेहरे की सुंदरता का चार चाँद लग जाता है।

  • कीट - पतंगो से आँखों को बचाना -

आँखों का काजल जो एक सुरक्षा का काम करती है। यह हमारे आँखों में पड़ने वाले अचानक कीट - पतंगो से बचाने का काम भी करता है। कीटो के पड़ने से जो आँखो से पानी गिरती है उसे सोखकर काजल ठंडक पहुँचाने का काम करता है।

  • रोगो से बचाना -

आँखों का काजल हमें रतौंधी, मोतियाबिंद इत्यादि जैसे रोगो से बचाने का काम करता है। इसके अलावे वह आँखों के लाल होने से बचाता है।

  • सूर्य की रोशनी से बचाना -

आँखों के काजल को पलको और आँखों में लगाने से सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणे पराबैंगनी किरणों से यह हमारी रक्षा करता है जिससे हमारी आँखों को कोई नुकसान नहीं होता है और आँखें सुरक्षित रहती है। हमें आँखों में धूप वाले चश्मे लगाने की कोई जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

  • अधिक देर तक काम करने से आराम -

आँखों में काजल लगाने से कंप्यूटर पर कोई काम करने से आँखें नहीं थकती है क्योंकि काजल आँखों को ठंडक पहुँचाकर उसके आँखों के थकान को दूर करता है जिससे उसे अधिक देर तक काम करने में सुविधा होती है।

  • बुरी नजर और जादू - टोना से बचाना -

आपको मालूम ही होगा कि आज की दुनिया में जादू - टोने ज्यादा चले हुए है इसलिए हमें इन सभी चीजों से बचना भी चाहिए। इसलिए इन सभी चीजों से बचने के लिए आप आँखों पर काजल का प्रयोग करें ताकि आप इन बुरे और जादू - टोने या टोटके से बच सकते है। पुराने और आज के समय में भी देखने को मिलता है कि मां अपने बच्चों को उनके माथो पर, गालो पर और आँखों में काजल का प्रयोग करती है। बच्चों को काजल लगाने से बच्चे दिखने में भी सुंदर और बुरी नजरो से भी बचते है।

      इसके अलावे वह धूलकणों से बचाना, सुंदर आँख प्रदान करना, चेहरे को एक नया लुक काजल से मिलना और आँखें आइने की तरह बनना इत्यादि जैसे लाभ आँखों में काजल लगाने से मिलता है।
         
             अतः हमारी बातों को ध्यान में रखकर कुछ दिनों तक काजल आँखों में लगाकर देखें और उससे होने वाले लाभों का मजा ले।

                   प्यारे दोस्तों अगर मुझसे कोई बात लिखने में गलती हुई हो तो मुझे माफ करना लेकिन यदि आपको यह बात अच्छी लगी तो मुझे फॉलो करें और आप हमसे जुड़कर अच्छी - अच्छी बातें जाने या जानकारी प्राप्त करें। उसके लिए धन्यवाद।




Tuesday, May 1, 2018

अब जाने एक नए फेस पैक "मूली फेस पैक" बनाने के लिए।

मेरे प्यारे दोस्तों अब तक में आपने बहुत सारे प्रकार के फेस पैक को देखा है और उनका प्रयोग भी किया है लेकिन अब मैं आपको एक नए किस्म का फेस पैक के बारे में बताने जा रहा हूँ जो एकदम अलग - सी है जिसका नाम "मूली फेस पैक" है।

         अब हम जानेगें कि "मूली फेस पैक" कैसे तैयार किया जाता है। इसके लिए मेरे बताए हुए बातों पर ध्यान देंगे।


  • सबसे पहले आपको मूली का एक बड़ा - सा भाग लेना पड़ेगा।
  • अब इसके भाग को छीलकर रख दें।
  • अब इसके छोटे - छोटे टुकड़े करने पड़ेगें।
  • अब इस टुकड़े को मिक्सिंग में डालकर पीसकर पेस्ट बना लेंगे।
  • अब उस पेस्ट में नींबू के रसो के कुछ बूंदे मिला देंगे।
  • अब उसके बाद मिक्स भाग में जैतून का तेल 5 या 6 बूंदे मिला देंगे।
       बस अब क्या आपका "मूली फेस पैक" तैयार हो गया है।
  •        यह सुनने में अजीब - सा लगता ही है पर यह चेहरे पर एक अजब - सा निखार लाता है। इसे सप्ताह में दो बार उपयोग करें। इससे त्वचा पर ब्लीच भी किया जाता जाता है। यह त्वचा के खूबसूरती को बढ़ाती है।
  •     आपको एक बात पर ध्यान देना होगा कि यदि आपके त्वचा अतिसंवेदनशील हो तो इसका प्रयोग ना करें क्योंकि यह आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके प्रयोग करने के लिए आप पहले अपने हाथ की कलाई पर थोड़ा - सा लगा ले। यदि ठीक है तो उसके बाद लगाएं यदि आपको सेट ना करें तो आप नहीं लगाएं।



           प्यारे दोस्तों अगर हमारी बात आपको अच्छी लगी तो मुझे फॉलो करें और आगे अच्छी - अच्छी जानकारी प्राप्त करें।


कील मुँहासे को दूर करने के कुछ घरेलू उपाय, जानना ना भूलें

मेरे प्यारे दोस्तों आज आपलोगो को हमारे चैनल में स्वागत है। आज मैं आपको एक ऐसे टॉपिक को बताने जा रहा हूँ जो आज के युवा अवस्था में किसी - किस...